अन्नदाता के हक की हुंकार: किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने उठाई केसीसी कर्ज माफी की मांग


अन्नदाता के हक की हुंकार: किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने उठाई केसीसी कर्ज माफी की मांग
ष संवाददाता रोहित कुमार कनौजिया 
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसानों की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रमुख किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने केंद्र व प्रदेश सरकार से 'किसान क्रेडिट कार्ड' (KCC) कर्ज माफी योजना को तत्काल दोबारा लागू करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का किसान प्राकृतिक आपदाओं और बढ़ती लागत के बोझ तले दबा हुआ है, जिसे सरकारी संबल की सख्त जरूरत है।
कर्ज के चक्रव्यूह में फंसा किसान
कनौजिया ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश, खाद-बीज की आसमान छूती कीमतों और फसलों के अनिश्चित बाजार भाव ने किसानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। उनके विजन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
 * उत्पादन लागत में भारी वृद्धि: डीजल, कीटनाशक और श्रम महंगा होने से खेती अब घाटे का सौदा साबित हो रही है।
 * जलवायु परिवर्तन की मार: सूखे और अत्यधिक वर्षा के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसान ब्याज चुकाने में भी असमर्थ है।
 * आर्थिक सुरक्षा की आवश्यकता: कर्ज माफी किसानों के लिए एक 'रीस्टार्ट बटन' की तरह काम करेगी, जिससे वे सम्मान के साथ दोबारा शुरुआत कर सकेंगे।
"कॉरपोरेट को राहत तो अन्नदाता को क्यों नहीं?"
रोहित कुमार कनौजिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि यदि सरकार बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट जगत के ऋणों को 'राइट ऑफ' (Write-off) कर सकती है, तो देश का पेट भरने वाले अन्नदाता को यह राहत क्यों नहीं दी जा रही?
> प्रमुख मांगें:
> * केसीसी के तहत लिए गए सभी अल्पकालिक ऋणों को पूर्णतः माफ किया जाए।
> * कर्ज माफी की प्रक्रिया पारदर्शी हो ताकि छोटे किसानों तक लाभ पहुंचे।
> * भविष्य के लिए ब्याज मुक्त ऋण की स्थाई व्यवस्था हो।
निष्कर्ष: आत्मनिर्भर भारत का रास्ता खेतों से
किसान नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक किसान कर्ज मुक्त नहीं होगा, तब तक देश वास्तव में आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए केसीसी कर्ज माफी ही एकमात्र प्रभावी विकल्प है। यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है, तो यह न केवल किसानों के जीवन को बचाएगा बल्कि देश की उन्नति को नई गति देगा।
FarmersVoice #KisanKarjMafi #KCC
#Rohitkumarkanojiya #KisanKCCLoanWaiver #KisanUnion #FarmerRelief #KCC_कर्ज_माफी

Comments

Popular posts from this blog

रगों में दौड़ता लहू और खोखली होती दीवारें - रोहित कुमार कनौजिया

मिट्टी की कोई जाति नहीं होती, फिर किसान जातियों में क्यों बंटा है?

रोहित कुमार कनौजिया का यह तर्क व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की मांग करता है।