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Showing posts from January, 2026

शंकराचार्य पर सवाल उठाने वालों को किसान नेता रोहित कनौजिया का करारा जवाब

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शंकराचार्य पर सवाल उठाने वालों को किसान नेता रोहित कनौजिया का करारा जवाब जो किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया के तेवर और उनके तर्कों को बखूबी दर्शाता है शंकराचार्य पर सवाल उठाने वालों को किसान नेता रोहित कनौजिया का करारा जवाब नई दिल्ली लखनऊ: देश में धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रखर किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने शंकराचार्यों के अपमान पर अपनी चुप्पी तोड़ी। कनौजिया ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरुओं की प्रामाणिकता और उनके निर्णयों पर उंगली उठा रहे हैं। "डिग्री का ठिकाना नहीं और प्रमाण शंकराचार्य से?" रोहित कुमार कनौजिया ने बेहद तीखे अंदाज में कहा कि आज देश में विडंबना की पराकाष्ठा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा: > "बड़ी अजीब बात है कि जिन लोगों की अपनी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल हैं, जो आज तक जनता के सामने अपनी एक अदद डिग्री तक नहीं दिखा पाए, वे आज उन शंकराचार्यों से प्रमाण मांग रहे हैं जो शास्त्रों के साक्षात स्वरूप हैं।" >  रोहित कुमार कनौजिया का इशारा उन राजनेताओं की ओर था जो धर्म और राजनीति के घालमेल...

अन्नदाता के हक की हुंकार: किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने उठाई केसीसी कर्ज माफी की मांग

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अन्नदाता के हक की हुंकार: किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने उठाई केसीसी कर्ज माफी की मांग ष संवाददाता रोहित कुमार कनौजिया  भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसानों की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रमुख किसान नेता रोहित कुमार कनौजिया ने केंद्र व प्रदेश सरकार से 'किसान क्रेडिट कार्ड' (KCC) कर्ज माफी योजना को तत्काल दोबारा लागू करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का किसान प्राकृतिक आपदाओं और बढ़ती लागत के बोझ तले दबा हुआ है, जिसे सरकारी संबल की सख्त जरूरत है। कर्ज के चक्रव्यूह में फंसा किसान कनौजिया ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश, खाद-बीज की आसमान छूती कीमतों और फसलों के अनिश्चित बाजार भाव ने किसानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। उनके विजन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:  * उत्पादन लागत में भारी वृद्धि: डीजल, कीटनाशक और श्रम महंगा होने से खेती अब घाटे का सौदा साबित हो रही है।  * जलवायु परिवर्तन की मार: सूखे और अत्यधिक वर्षा के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसान ब्याज चुकाने में भी असमर्थ है।...